हो हो हो ली !!
सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु के होली गीत के साथ होलिकोत्सव को और भी आनंदमय बनाएं! 🌺🌹🙏❤️🙏🌹🌺
ताक धिन्ना धिन, धिन्नक तिन्ना, ताक धिनाधिन
धिन्नक तिन्नक!
जोगीजी सर - र - र, जोगीजी सर - र - र....
एक रात में महल बनाया, दूसरे दिन फुलवारी
तीसरी रात में मोटर मारा, जिनगी सुफल हमारी
जोगीजी एक बात में, जोगीजी एक बात में,
जोगीजी भेद बताना, जोगीजी कैसे-कैसे?...
बाप हमारा पुलिस सिपाही, बेटा है पटवारी
हाल साल में बना सुराजी, तीनों पुश्त सुधारी
जोगीजी सर - र - र ....
रुपया जोडा पैसा जोड़ा जोड़ी मैंने रेजगारी
जिसने मेरा भंडा फोड़ा, उसकी. रोजी मारी
जोगीजी सर - र - र...
खादी पहनो चाँदी काटो रहे हाथ में झोली
दिन दहाड़े करो डकैती, बोल सुदेशी बोली
जोगीजी सर - र - र...
🌺🌺🙏❤️🙏🌺🌺

Comments
Post a Comment