हो हो हो ली !! सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु के होली गीत के साथ होलिकोत्सव को और भी आनंदमय बनाएं! 🌺🌹🙏❤️🙏🌹🌺 ताक धिन्ना धिन, धिन्नक तिन्ना, ताक धिनाधिन धिन्नक तिन्नक! जोगीजी सर - र - र, जोगीजी सर - र - र.... एक रात में महल बनाया, दूसरे दिन फुलवारी तीसरी रात में मोटर मारा, जिनगी सुफल हमारी जोगीजी एक बात में, जोगीजी एक बात में, जोगीजी भेद बताना, जोगीजी कैसे-कैसे?... बाप हमारा पुलिस सिपाही, बेटा है पटवारी हाल साल में बना सुराजी, तीनों पुश्त सुधारी ...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.