पुरखों को जानिए: संघर्ष की प्रेरणा देती शहीदों की एक अमर जोड़ी बढ़ते बिजली बिलों के खिलाफ सन 1986 का किसान आन्दोलन हो, भूमि अधिग्रहण के खिलाफ नवलगढ़ का जीवंत किसान आन्दोलन या आज किसान विरोधी तीनों काले कानूनों की वापसी का संघर्ष हो, शेखावाटी (राजस्थान) के किसानों के लिए सदैव एक महान प्रेरणा का स्रोत रही है अमर शहीदों की जोड़ी - करणीराम - रामदेव! 1952 के चुनाव के बाद आदेश आया कि जागीरदार किसानों से लगान के रूप में फसल के छठें भाग से ज्यादा नहीं ले सकते। जबकि इससे पहले जागीरदार फसल का आधा हिस्सा लगान के रूप में वसूलते थे। बचे हुए आधे हिस्से में से भी बोहरे की तुलाई, धुँआबाज, खूंटा बंधी आदि के नाम पर लूट होती थी। जमीनों का कोई रिकार्ड नहीं था। कौन सी जमीन का कौन काश्तकार रहेगा, यह भी उस जमाने में निश्चित नहीं था। पूरे इलाके में किसानों के घर कच्चे छप्परों के ही थे। जागीरदार का आदेश ही उन...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.