जय बजरंगबली! तोड़ दी घमंड की नली!! बड़ी कृपा करी गणराज!... रक्खा अपने सर पे ताज!! ऐसा लगता है जैसे 'कर्नाटक वाले हनुमानजी, निजी करण, मंदी, महंगाई, बेरोजगारी, और सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री के साथ , चाइना विस्तार को लेकर काफी दुखी हैं। हनुमान जी को वैसे भी , घमंड पूर्वक ऊंची ऊंची फेंकने वालों से बहुत प्रॉब्लम है! फिलहाल कर्नाटक ने साबित कर दिया कि , *नाटक ,नौटंकी, तमाशा, उछल कूद , उम्दा उम्दा कपड़ा लत्ता 'झूठे वादे' पुरानी आदतें.....* "दीदी ओ दीदी" .... सोनार बांग्ला के बाद.... , *कर्नाटक को नंबर 1 देख कर खुशी हो रही है*! यह 'पप्पू' की जीत है या प्रियंका की कि दिल पर हथौड़े भरा महंगाई की चोट सहने वाली जनता की ? या महिला पहलवानों का दर्द .... जिसका गुस्सा कर्नाटक में.... बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के रूप में फूट पड़ा हो। *सतपाल मलिक ने पुलवामा के 42 जवानों की शहादत का बयान भी इसी बुरे मौके पर दिया*! जब कर्नाटक में उस्ताद जी का बतरस जादू...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.