शहीदों के सपनों को मंजिल तक पहुंचाने की एक जद्दोजहद गाँव-गाँव पहुँचने लगा किसान आंदोलन अब शहीदों की स्मृतियों को संजोते हुए आगे बढ़ने लगा है। इसी क्रम में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर 23 मार्च को एक 'शहीदी यादगार किसान यात्रा' अलीगढ़ से पलवल रवाना हुई। तय कार्यक्रम के अनुसार 12 बजे से किसान-मजदूर-बेरोजगार-नौजवान किसान आंदोलन के कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में जुटना शुरू हो गये। खबर पाते भारी संख्या में पुलिस बल ने अंबेडकर पार्क को घेर लिया। किसानों ने इसका विरोध करते हुए 'हिटलरशाही नहीं चलेगी', 'पुलिस के बल पर यह सरकार- नहीं चलेगी, नहीं चलेगी', 'भगतसिंह के सपनों को- मंजिल तक पहुँचाएंगे', 'लडेंगे, जीतेंगे' आदि नारे लगाए तथा किसान-यात्रा को तय कार्यक्रम के अनुसार जाने देने की मांग करने लगे। https://youtu.be/C9P1nMfQb48 संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक शशिकान्त, अखिल भारतीय किसान सभा के इदरीश मोहम्मद, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.