उन्हें मारा नहीं जा सकता!... अवतार सिंह पाश ( 9 सितम्बर, 1950 - 23 मार्च, 1988) 23 मार्च के एक और शहीद हैं पंजाबी क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश!...जिन शक्तियों ने आज ही के दिन 1988 में उनके शरीर को उनके क्रांतिकारी विचारों के चलते गोलियों से छलनी कर दिया, वे उस मरणासन्न साम्राज्यवादी व्यवस्था के ही पोषक थे जिन्हें इतिहास में इतिकथा बनना ही है! पाश जैसे लोग कभी नहीं मरते! शहीद भगत सिंह की ही तरह!!... सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना! श्रम की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होती पुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होती ग़द्दारी-लोभ की मुट्ठी सबसे ख़तरनाक नहीं होती बैठे-सोए पकड़े जाना – बुरा तो है सहमी-सी चुप में जकड़े जाना बुरा तो है पर सबसे ख़तरनाक नहीं ह...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.