खज्जिनाग का खजियार, हिमाचल हमारे देश में ही नहीं, पूरी दुनिया में मिथकों और दंतकथाओं का वहाँ की संस्कृति के निर्माण में विशेष महत्व है। इन मिथकों और दंतकथाओं को वहाँ की संस्कृति से निकाल दीजिए तो संस्कृति काठ या पत्थर हो जाएगी, उसका आकर्षण छू-मंतर हो जाएगा। हमारे देश में तो इन कथाओं-कहानियों में ही सभ्यता-संस्कृति के प्राण बसते हैं। हिमाचल प्रदेश का चम्बा जिला ऐसी अनेक मिथक कहानियों का खज़ाना है। अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर डलहौज़ी और खज्जियार भी ऐसी अनेक कहानियों को अपने आगोश में समेटे है!! विशेषकर खजियार या खज्जियार का तो जैसे निर्माण ही इन कथाओं से हुआ है। भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहे जाने वाले खजियार के बारे में कई अद्भुत कहानियां हैं जिन्हें यहाँ के निवासी 'इतिहास' मानकर दिल में संजोए हुए हैं। कहते हैं सदियों पहले चम्बा जिला में एक राणे हुए। एक दिन इनकी दृष्टि लिली नामक गाँव के सामने पहाड़ पर पड़ी। वहाँ की ...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.