AI एआई या आत्मा?
हम तो बरसों से कहते आए थे,
"मान लो, आत्मा होती है!"
तब लोग मुस्कराकर कहते थे, "दिखाओ... कहाँ है आत्मा?"
अब AI ने वही बता दिया कि नहीं?..
यह तो हम सब जानते हैं कि मनुष्य जो सोचता है, वह यह लिख देता है, वह लिख सकता है। जो कल्पना करता है, वह चित्र बना देता है। जो पूछता है, उसका उत्तर सजाकर सामने रख देता है।
लेकिन क्या यह सच नहीं है कि
जब मनुष्य की सोच का प्रतिबिंब इतनी तेज़ी से सामने आ सकता है, तो मनुष्य के भीतर उस सोच को जन्म देने वाली सत्ता का कमाल कितना हो सकता है?..
क्या यह झूठ है, असंगत है?..
अब उन लोगों से पूछिए जो हर अदृश्य चीज़ को यह कहकर टाल देते थे,
"जो दिखाई न दे, वह होता ही नहीं!"
क्यों AI भी तो दिखाई नहीं देता!.. लेकिन दिखाई दिए बिना कर्म करता है कि नहीं?...
ठीक वैसे ही... आत्मा भी है!
दिखाई नहीं देता लेकिन अपने कर्म और अपने प्रभावों के आधार पर समझा जाता है!
तो जनाब, बताइए AI आत्मा का वैज्ञानिक प्रमाण है कि नहीं?..🎆🎆

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