मार्क्स जन्म-दिवस, 5 मई: कार्ल मार्क्स और मार्क्सवाद की दुनिया को देन दुनिया के सामाजिक-आर्थिक जीवन को अब तक के इतिहास में सर्वाधिक प्रभावित करने वाले कार्ल हेनरिख मार्क्स का जन्म 5 मई, 1818 को जर्मनी के ट्रेवेश (प्रशा) नगर में हुआ था। उनका परिवार यहूदी धर्म को मानने वाला था। बाद में सन 1824 में इस परिवार ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया। आर्थिक अभावों से गुजरते हुए मार्क्स ने वर्ग-विषमता और वर्ग-संघर्ष के सूत्र विकसित कर शोषित-पीड़ित दुनिया की आम जनता की मुक्ति का वैज्ञानिक रास्ता दिया। यह दिखाया कि न तो दुनिया हमेशा ऐसी ही रही है, न आगे भी ऐसी ही रहने वाली है। मनुष्य ने अपने संघर्षों से इस दुनिया को यदि बेहतर से बेहतर बनाया है तो अपनी ज़िंदगी के लिए भी मुक्ति के द्वार खोले हैं। ...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.