14 मई नीमूचाना हत्याकांड के शहीद किसानों की याद में - शशिकांत नीमूचाना सेठों की वीरान हवेली ★ एक ऐसा किसान आन्दोलन जो इतिहास के पन्नों में खो गया!.. 14 मई का राजस्थान का इतिहास खोजें तो गूगल में पहला जबाव होगा - नीमूचाना किसान आन्दोलन! लेकिन आज यह आन्दोलन केवल राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं का महज एक महत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी प्रश्न बन कर रह गया है। न नीमूचाना गांव में कोई स्मारक, न कोई कार्यक्रम-मेला!.. रोजी-रोटी के सिलसिले में बानसूर ( अलवर की तहसील मुख्यालय) में मैं आठ साल रहा। इसीलिए इस आन्दोलन के बारे में...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.