हार नहीं, संघर्ष का उनवान है यह! विनेश, ओलम्पिक में कुश्ती के खिलाड़ी जानते होंगे कि तुम स्वर्ण पदक की हकदार थी! स्वर्ण नहीं जीती तो क्या, इतिहास में तुम 'लीजेंड' बन चुकी हो! इसलिए निराश होने, पीछे हटने का कोई भी निर्णय सही नहीं होगा। खेल होंगे, होते रहेंगे लेकिन विनेश का, एक महिला-पहलवान का ऐसा संघर्ष विरले ही कर सकते हैं। जो करते हैं, लीजेंड बन जाते हैं। भले ही खेल के सबसे ऊँचे पायदान पर पहुँचकर समय के हुक्मरानों द्वारा अपने दम्भ और हिकारत के चलते नकार दिए जाने का तुम्हारे जैसा अनुभव शायद किसी और को हो, लेकिन यही विशेषता तो तुम्हें आम जनता की नज़रों में महान बनाती है। विनेश फोगाट, आज पूरे देश को तुम पर नाज़ है। तुमने दुनिया के सबसे महान महिला कुश्ती पहलवानों को हराकर यह मुक़ाम हासिल किया है। यह सब तुमने खेल-जगत से खिलवाड़ करने वाले उन शासकों के नापाक मंसूबों को ध्वस्त करते हुए पाया है जो नापाक राजनीति और अपने स्वार्थों को सबसे ऊपर रखते ह...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.