भगवान कहाँ हैं?... तुम कहाँ कहाँ हो भगवन! तुम कहाँ कहाँ नहीं हो जो यहाँ नहीं हैं, वहीं हो तुम्हें कहाँ कहाँ सब ढूँढें पेड़ों में, पत्तों में, धागों में पत्थर में, सिंदूर में, क्या मन में भी तुमको ढूँढें? वे कहीं भी हैं मिल जाते नहीं जहाँ वहाँ भी आते कितने अजीब है भगवन हर जगह तुम्हें सब पाते! 🌹🌹🙏❤️🙏🌹🌹
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.