प्रयागराज में भी है बना दक्षिण भारतीय मन्दिर मध्यकाल का यह शिवाला चमत्कारी है! जनपद #प्रयागराज की तहसील फूलपुर के अंतर्गत ग्राम पूरे सूरदास #झूँसी स्थित यह प्रसिद्ध 'गंगोली शिवालय' एक अद्भुत #शिवालय है! 'गंगोली शिवाला' नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर #संगम के ईशान कोण पर स्थित है! शिव पुराण के मंत्रों में अभिहित चित्रांकन के अनुसार मंदिर में विभिन्न देवी-देवताओं और उनके वाहनों के चित्र उकेरे गए हैं! यह शिवालय उत्तराभिमुख प्रस्तर एवं लखौरी ईंटों से निर्मित चतुर्दिक ऊँचे परकोटे से आवृत है! इसका निर्माण बलुए पत्थर आदि से किया गया है। ऊँचे चबूतरे पर निर्मित शिवालय के चतुर्दिक पददक्षिणापथ के रूप में दो स्तम्भों एवं दो अर्द्धस्तम्भों पर आधारित चौड़ा बरामदा है। बरामदे की बाह्य दीवारों के दोनों कोनों पर रथिकाओं में विविध देवी -देवताओं की मूर्तियाँ रूपांकित हैं। शिवालय के गर्भगृह के ऊपर उरुश्रृंगों से अलंकृत नागर शैली पर आधारित पंचरथ शिखर शोभायमान है। इसका शीर्ष आमलक, क...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.