और लड़ाई जारी है: कब रुकेंगी इस तरह की जन-संपदा की लूट? धजवा पहाड़ बचाने के लिये संघर्षरत ग्रामीणों को समर्थन देने 1 जनवरी को भूख हड़ताल पर बैठेंगे कई राजनीतिक दल व जन संगठन पानी के स्रोत पहाड़, पर्यावरण व अध्यात्मिक स्थल धजवा पहाड़ को बचाने की लड़ाई अब विस्तार पा रही है. पांडू के कुटमू- बरवाही से निकल राजधानी तक पहुंच गई है, लेकिन सरकार व जिला प्रशासन की ओर से संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, उल्टे दमन के बल पर संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास किया गया है. धजवा पहाड़ बचाओ संघर्ष समिति ने 19 दिसम्बर से क्रमिक भूख हड़ताल आरम्भ कर दिया है. मौखिक आश्वासन के बल पर आंदोलन को समाप्त कराने में नकामी हासिल होने पर दमन का सहारा लेने से प्रशासन की जहाँ पोल खुली, वहीं जनता की एकजुटता मजबूत हुई है. इसी मजबूती को सुदृढ़ करने व आंदोलन को धार देने के कई राजनीतिक दल, जनसंगठन, सामाजिक संगठन के नेता व कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पर भूख हड़ताल करने 1 जनवरी को...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.