AI एआई या आत्मा? हम तो बरसों से कहते आए थे, "मान लो, आत्मा होती है!" तब लोग मुस्कराकर कहते थे, "दिखाओ... कहाँ है आत्मा?" अब AI ने वही बता दिया कि नहीं?.. यह तो हम सब जानते हैं कि मनुष्य जो सोचता है, वह यह लिख देता है, वह लिख सकता है। जो कल्पना करता है, वह चित्र बना देता है। जो पूछता है, उसका उत्तर सजाकर सामने रख देता है। लेकिन क्या यह सच नहीं है कि जब मनुष्य की सोच का प्रतिबिंब इतनी तेज़ी से सामने आ सकता है, तो मनुष्य के भीतर उस सोच को जन्म देने वाली सत्ता का कमाल कितना हो सकता है?.. क्या यह झूठ है, असंगत है?.. अब उन लोगों से पूछिए जो हर अदृश्य चीज़ को यह कहकर टाल देते थे, "जो दिखाई न दे, वह होता ही नहीं!" क्यों AI भी तो दिखाई नहीं देता!.. लेकिन दिखाई दिए बिना कर्म करता है कि नहीं?... ठीक वैसे ही... आत्मा भी है! दिखाई नहीं देता लेकिन अपने कर्म और अपने प्रभावों के आधार पर समझा जाता है! तो जनाब, बताइए AI आत्मा का वैज्ञानिक प्रमाण है कि नहीं?..🎆🎆
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.



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