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Showing posts from December, 2019

अय भाग जा दरिन्दे फ़ौरन (ग़ज़ल):

तमाम संघर्षों को समर्पित...                                                                           ग़ज़ल                                                 - कवि महेन्द्र मिहोनवी अय भाग जा दरिन्दे फ़ौरन मचान लेकर निकले हैं  अब परिन्दे गद्दी पे प्रान लेकर दरकी  हैं ये  ज़मीनें  कय्यक हज़ार मीलों फूटी  हैं  कुछ चटानें इतनी  उठान लेकर रस्ते  में  हर क़दम पर  खूँख़ार जानवर हैं चलना  हमें  पड़ेगा  तीरो   कमान लेकर बुलबुल को बर्तनी है अतिरिक्त सावधानी सैयाद   घूमते  हैं  टोही   विमान  लेकर जिसमें मगर के हक़ में सारे नियम बने हैं चाटेंगीं मछलियाँ क्या एसा विधान लेकर जंग...

एक चुटकुला: प्राइवेट बनाम सरकारी काम...

  Whatsappचुटकुला:                                                                               प्राइवेट बनाम सरकारी प्राइवेट काम करने वालों को लगता है कि सरकारी कर्मचारी को तो फोकट की तन्ख्वाह मिलती है। एक वैल्डिन्ग मिस्त्री काफी दिनों से एक सरकारी कर्मचारी को तन्ख्वाह ज्यादा होने व काम कम होने के ताने दे रहा था | एक दिन सरकारी कर्मचारी का दिमाग खराब हो गया वह घर से एक टूटी बाल्टी की कड़ी डलवाने व पुराना टूटा हुआ हत्था लेकर उस मिस्त्री के पास जा पहुँचा! मिस्त्री ने 100 रू मरम्मत खर्च बताया ... कर्मचारी बोला - 150 ₹ दे दूँगा .. पर कुछ नियम ध्यान में रखना.. मिस्त्री राजी होकर बोला -बताओ बाबूजी जी..? कर्मचारी ने एक रजिस्टर निकाला और मिस्त्री से बोला - ये लो इस में रिकार्ड भरना है... 1.बाल्टी किस सन में बनी व कब टूटी (RTI) 2.बाल्टी किस कम्पनी की बनी है TATA/JSW/SA...

हम #रोहिंग्या

                    हम देख्या जग सारा!..                                                  - अशोक प्रकाश हम सारी दुनिया देखते-देखते यहाँ पहुँचे हैं!..ईरान आर्यान है और क्राइस्ट कृष्णावतार!... हम सब जानते हैं। हमसे ज़्यादा जबान मत लड़ाना!...सो, जो बोलें सो सुनो! जब घुट्टी में पिलाए गए धार्मिक प्रपंचों को सौ फीसदी झूठ पाकर भी हम दिन-रात उन्हीं की पूजा-अर्चना में लगे रहते हैं, अपने सारे कष्टों का कारण अपने कर्मों में और निवारण ऊपर वाले में देखते हैं तो किसी तर्क-वितर्क का हम पर असर नहीं पड़ने वाला!..  हम भक्तप्राण लोग हैं और अपने आराध्य हनुमानजी की कृपा से ही हमने सारी पदप्रतिष्ठा पाई है, ऐसा मानते हैं। हम भाग्यशाली हैं और भाग्य ने ही हमें सब कुछ दिया है। तुम भी परमपिता परमेश्वर की शरण में जाओ और मुसलमान हो तो बेनागा पांचों वक़्त नमाज़ पढ़ो, जिस लायक होओगे,  ऊपर वाला देगा!...       ...