भाषा की बंदी - रहीम पोन्नाड नोटबंदी की तर्ज पर केरल के एक कवि #रहीम_पोन्नाड ने मलयालम में एक कविता लिखी थी #भाषा_निरोधनम जिसका अनुवाद ए आर सिन्धुऔर वीना गुप्ता ने किया और हमने थोड़ा सा संपादन ! एक नए किस्म का प्रयोग है, भाषा के जरिए नोटबंदी की स्थितियों को फिर से जिया गया है ! #बादल_सरोज की वाॅल से यह कविता हिंदी दर्शन के जरिए प्राप्त हुई है ! आप भी आंनद लें : प्रस्तुति: गुरचरन सिंह (फेसबुक- साभार) ...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.