केंद्रीय_बज़ट में शिक्षा - डॉ.रमेश बैरवा प्रांतीय संयुक्तसचिव (RUCTA), राजस्थान *केंद्रीय बजट 2020-21 में शिक्षा की भी की गई है घोर उपेक्षा *शिक्षा के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना जनविरोधी कदम *इस बजट का विरोध करने की शिक्षक साथियों से है पुरजोर अपील मोदी सरकार का बजट 2020-21 घोर जन विरोधी है। इस बजट में शिक्षा की भी घोर उपेक्षा की गई है,जिस पर शिक्षक...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.