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Showing posts from February, 2018

समान शिक्षा का सवाल!:

                                  शिक्षा: समान शिक्षा!                                                 -सुयश सुप्रभ               राष्ट्रपति की सैलरी डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये कर दी जाती है और एससी व एसटी विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप बंद कर दी जाती है। क्या जादूगरी है! हमें देश की समस्याओं का ऐसा समाधान नहीं चाहिए। ऐसा इलाज पाकर ही मुँह से निकलता है - "मर्ज़ बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की"।  टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज़ के सभी कैंपसों में साथियों ने जो हड़ताल की है वह असल में लोकतंत्र को बचाने की बड़ी लड़ाई का हिस्सा है। यह क्या बात हुई कि अचानक एक सर्कुलर आए और तमाम मुश्किलों का सामना करके यूनिवर्सिटी पहुँचने वाले एससी और एसटी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मिलना बंद हो जाए। यूजीसी के बजट में 55% कटौती करने वाली सरकार हर पाँच ...

उच्च शिक्षा: बिहार-

             विश्वविद्यालय-सेवा त्रासद और प्राणघातक!                                             -डॉ. सिद्धेश्वर कश्यप                       बिहार के विश्वविद्यालयों की सेवा सरकार की नजर में अनुत्पादक सेवा है लेकिन शिक्षा माफियाओं और व्यारियों के लिए धन कुबेर बनने का सहज मार्ग है -पढ़ाई न लिखाई केवल कमाई । यह सेवा योग्य ,समर्पित और कर्त्तव्यनिष्ठ शिक्षक कर्मियों के लिए बेगारी और प्राणघातक ।महीनों से वेतन से वंचित शिक्षक कर्मियों का जीवन त्रासद है लेकिन शिक्षक नेता मस्ती में हैं और अपनी रोटी सेंकने में लीन हैं ।सैकड़ों शिक्षक नेता एम एल सी विधायक और पार्षद के रुप में वेतन पाते हैं इसलिए इन्हें भी हमारी चिंता नहीं है ।हाँ भाषण में घड़ियाली आँसू अवश्य बहाते हैं ।मेधावी कर्मनिष्ठ शिक्षक हाशिए पर नारकीय जीवन जीने को अभिशप्त हैं और शिक्षक नेता एवं शिक्षक अधिकारियों की चाँदी है ।शासन प्रशा...

उच्च शिक्षा: यूजीसी

वाह रे यूजीसी:                                       एक अपील                                                              प्रस्तुति:  डॉ. इला अग्रवाल                              (SaveEducation) वाह रे यूजीसी(UGC)!- वाह रे भारतीय उच्च शिक्षा!...जब हुक्मरान All India level पर 3%(JRF), 12%(NET) और 6% qualified को नौकारी दे ही नहीं पा रहे हैं तब अपने Unqualified भाई-भतीजों के लिए नया नियम ला कर, सभी Qualified अभ्यर्थियों के मुंह पर तमाचा मारकर अपने चापलूसों को रूपयों के दम पर Universities में Professor नियुक्त करेंगे क्या?!...            साथियों, आप अपना विरोध UGC पर दर्ज करवाएं! वरना वो दिन दूर नहीं जब आप सभी qualified अभ्यर्थी ...

Higher Education:

                              यूजीसी की यशोगाथा                                             प्रस्तुति- डॉ अरुण कुमार अद्भुत है यूजीसी और इसके कर्ता-धर्ता । अभी ‘वेद’ से इसका पिंड छूटा ही था कि वज्रधारी धीर-गंभीर ‘इन्द्र’ ने आसन जमा लिया। आते ही स्वभावानुकूल एक केंद्रीय नेता के भाई की नियुक्ति कर सरकार में अपनी आस्था दिखाई और चिड़िया की आँख पर निशाना साधा। सचिव पद की नियुक्ति के लिए लंबी चौड़ी सूची तो बनाई पर अंतिम सूची में पुराने यार-दोस्त ही स्थान बना सके। पारदर्शिता के साथ काम करना इनका पुराना शगल है जो यहाँ भी जारी है। बी एच यू में अपने शोध-अनुभव के आधार पर सुघड़तम नियुक्ति करने वाले चेयरमैन ‘धीर-गंभीर-इन्द्र’ सचिव-नियुक्ति में भी कलाकारी कर गए हैं। सुनने में आया है कि कोई ओशो ‘जैन’ दौड़ में सबसे आगे हैं। नशीली रात के लिए मशहूर शहर इंदौर के वासी जैन इनके पुराने यार हैं जिनके प्रति इनका स्नेह-दुलार जग ...

DUTA Press Release:

                                              DUTA Press Release                                         (13 Feb, 2018)           DUTA delegation meet U GC Chairman       Raises issues related to funding and draft     UGC Regulations related Service Conditions! A delegation of DUTA office-bearers met the UGC officials today to deliberate upon the MHRD notification dt 2.11.2017 on the VII Pay Revision along with the initial response to the Draft Regulations 2018 uploaded on 09.02.2018 as a Public Notice. The delegation comprising of the DUTA President Rajib Ray, Vice-President Sudhanshu Kumar,  Secretary Vivek Chaudhury, Joint Secretary Alok Ranjan Pandey and the Treasurer Najma Rahmani, apprised the UGC ...

काशी हिंदू विश्वविद्यालय:

                    ये शिक्षा का मंदिर है या कश्मीर                                               -डॉ राजेश चंद्र मिश्र काशी हिंदू विश्विद्यालय, वाराणसी का साल में 9 करोड़ 46 हजार सुरक्षा बजट है! फिर भी कैम्प्स में चोरी,छिनैती,छेड़खानी,रंगदारी, मारपीट की घटनाएं कम नही हो रही हैं! जबकि सुरक्षा में ढिलाई के आरोप के कारण एक कुलपति को अपने पद से हटना भी पड़ गया! यही नही यह प्रधानमंत्री जी का संसदीय क्षेत्र भी है! इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शेष यूपी के सुरक्षा की क्या दशा होंगी! ये शिक्षा का मंदिर है या कश्मीर!                    

बजट पर कविता:

                        बजट पेश भा, ताली पीटो...                                                               -अरविंद तिवारी बजट पेस भा, ताली पीटो, और मचाओ शोर रँग-बिरंग चमकीले बादल फैल गये सब ओर। व्यापारिन का छूट मिली है, मध्यवर्ग का लूट अउर किसानन का बाँटिन हैं मीठी लेमनचूस॥ खेती औ सिक्छा के कर मा और बढ़ा अधिभार लेकिन ख़र्चा काट लिहिन हैं, पक्के डंडीमार॥ लरिकन केर खेलौना महँगा बुढ़वन कै चश्मा बाद मरे के   पैसा  पैहौ,  किहे देत   बीमा॥ और बताओ का चाहत हौ, खुस हैं श्री यमराज अब चुनाव के बाद भोगिहौ, का बतलाई आज॥                                   ◆◆◆◆◆◆

AAD Press:

    ACADEMICS FOR ACTION & DEVELOPMENT                                             (AAD) PRESS STATEMENT: Dr Aditya Narayan Misra Former President of DUTA and FEDCUTA expressed its deep concerns and opposition to enhanced thrust of the budget 2018-19 for privatisation and contractualisation in the higher education, where as inclusive affordable public funded Higher education is needed for the social justice. The share of HE to the budget has declined from 1.57% in 2017-18(RE) to a dismal proportion of 1.43%. Similarly the allocation of UGC declined from Rs 4923 cr in 2017-18 (RE) to Rs 4723 cr in 2018-19. ACADEMICS FOR ACTION & DEVELOPMENT (AAD) Education Sector in UNION BUDGET 2018 In this budget the governmemnt has further strengthened the privatisation of Higher education especially after the proposed to launch ‘‘Revitalising Infrastructure...