साभार: राजकमल प्रकाशन किसका वसंत है! - अज्ञात 'भ दोही ' से साभार जो खींच रहे माल उन्हीं का वसंत है मोटी है जिनकी खाल उन्हीं का वसंत है। सारी व्यवस्था जिनके आगे पूंछ हिलाए, किसकी मजाल उसको कोई आंख दिखाए, टेढ़ी है जिनकी चाल उन्हीं का वसंत है। जो उल्टे-सीधे तल्ख सवालों से दोस्तो, हां, आयकर की टीम के जालों से दोस्तो, बच जाएं बाल-बाल उन्हीं का वसंत है। न सींक भी कभी यहां सरकाई जिन्होंने, कोई बहादुरी भी नहीं दिखलाई जिन्होंने, लेकिन बजाएं गाल उन्हीं का ...
CONSCIOUSNESS!..NOT JUST DEGREE OR CERTIFICATE! शिक्षा का असली मतलब है -सीखना! सबसे सीखना!!.. शिक्षा भी सामाजिक-चेतना का एक हिस्सा है. बिना सामाजिक-चेतना के विकास के शैक्षिक-चेतना का विकास संभव नहीं!...इसलिए समाज में एक सही शैक्षिक-चेतना का विकास हो। सबको शिक्षा मिले, रोटी-रोज़गार मिले, इसके लिए जरूरी है कि ज्ञान और तर्क आधारित सामाजिक-चेतना का विकास हो. समाज के सभी वर्ग- छात्र-नौजवान, मजदूर-किसान इससे लाभान्वित हों, शैक्षिक-चेतना ब्लॉग इसका प्रयास करेगा.